Tibetan Buddhist Library Dharamshala

तिब्बती बौद्ध लाइब्रेरी धर्मशाला प्रसिद्ध और ऐतिहासिक पर्टयक स्थान

हिमाचल प्रदेश में बहुत से लोकप्रिय और प्रसिद्ध पर्टयक स्थान है। हिमाचल में बहुत से बौद्ध धर्म से संबंदित मठ और धार्मिक स्थान है। जो बहुत ही ऐतिहासिक और लोकप्रिय है। कुछ ऐसा ही एक लोकप्रिय और प्रसिद्ध स्थान है, काँगड़ा जिले के धर्मशाला में यह एक विश्व प्रसिद्ध बौद्ध लाइब्रेरी है। इस लाइब्रेरी में बहुत से ऐतिहासिक

12 वीं शताब्दी की तारीखों की कलाकृतियों और पांडुलिपियों में स्तिथ

पुस्तके स्तिथ है जो लगभग 12 वीं शताब्दी की तारीखों की कलाकृतियों और पांडुलिपियों में स्तिथ है। यह लाइब्रेरी तिब्बती वर्क्स और अभिलेखागार की लाइब्रेरी बौद्ध धर्म के अध्ययन और अनुसंधान में एक प्रसिद्ध अग्रणी संस्था है। हर साल देश विदेश से यहां पर्टयक घूमने और समय व्यतीत करने के लिए आते है।

एप्लिक थैग्कास और अवलोकितेश्वर के तीन आयामी, लकड़ी के नक्काशीदार मंडल शामिल

हिमाचल प्रदेश में सुंदर रूप से तैयार किये गए रेशम और एप्लिक थैग्कास और अवलोकितेश्वर के तीन आयामी, लकड़ी के नक्काशीदार मंडल शामिल किये गए है। जो बहुत ही आकर्षित और लोकप्रिय है।

जो बौद्ध धर्म के सबसे प्रतिष्ठित और दयालु बोधिसत्व में से एक माना जाता हैं। यह स्थान बौद्ध धर्म के लोगो के लिए एक बहुत ही उपयोगी और प्रसिद्ध स्थान है। यह स्थान धर्मशाला घूमने आये सैलानियों के लिए भी एक आकर्षण का केंद्र माना जाता है।

80,000 से अधिक पांडुलिपियों के साथ, 600 बौद्ध कलाकृतियां स्तिथ

इस लोकप्रिय स्थान में 80,000 से अधिक पांडुलिपियों के साथ, 600 बौद्ध कलाकृतियां स्तिथ है। जो बहुत ही प्रसिद्ध है। धर्मशाला आये सैलानियों के लिए यह एक आदर्श स्थान है। यहां पर्टयक बौद्ध धर्म को करीब से जान सकते है। तथा बौद्ध धर्म की जानकारी ले सकते है।

पुस्तकालय की स्थापना तेनजिन ग्यात्सो ने 11 जून 1970 को की थी

धर्मशाला गुमने आये पर्टयक इस संग्रहालय में शांति और शीतल हवा का आंनद ले सकते है। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इस पुस्तकालय की स्थापना तेनजिन ग्यात्सो ने 11 जून 1970 को की थी। यह एक बहुत ही ऐतिहासिक तेनजिन ग्यात्सो 14 वें दलाई लामा द्वारा की थी।

इस लोकप्रिय बौद्ध लाइब्रेरी को दुनिया में तिब्बती कार्यों के सबसे महत्वपूर्ण पुस्तकालयों और संस्थानों में से एक माना जाता है। इस अद्भुत और प्रसिद्ध पुस्तकालय का उद्देश्य तिब्बत के लिए एक पूर्ण सांस्कृतिक संसाधन के रूप में काम करना है।

बौद्ध लाइब्रेरी के खुलने का समय और जानकारी

धर्मशाला में स्तिथ इस तिब्बती बौद्ध लाइब्रेरी के खुलने का समय सुबह 9 से शाम 5 बजे तक का है। यह लाइब्रेरी दोपहर 1 से 2 बजे भोजन के लिए बंद रहती है। इसके साथ ही यह लाइब्रेरी हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहती है। इस लोकप्रिय पुस्तकालय की तीसरी मंजिल में प्रसिद्ध और लोकप्रिय उल्लेखनीय कलाकृतियों के साथ

एक संग्रहालय भी स्तिथ जो इस स्थान को बहुत ही लोकप्रिय बनाती है। बौद्ध लाइब्रेरी की स्थापना का कारण अनुसंधान और ज्ञान के आदान-प्रदान की सुविधा के लिए पर्यावरण को बढ़ावा देना है। साथ ही पर्टयकों को बौद्ध धर्म की संस्कृति और कला से अवगत करवाना है।