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भूलकर भी इस समय स्नान ना करे, जानिए नहाने का सही समय और उसके लाभ

भारतीय पुराणों और कथाओ के अनुसार मान्यता है की किसी भी काम को करने का सही समय होता है और गलत समय पर किया गया काम आपको हमेशा हानि पहुंचा सकता है। बताया जाता है की हमारे नहाने का तरीका भी घर में क्लेश का कारण हो सकता है।

इसी के साथ पुराने ज़माने में लोग ब्रहा मुहुर्त यानि सूरज निकलने से पहले ही स्नान करते थे। इसी के साथ खासकर जो घर की स्त्री होती थी। चाहे वो माँ के रूप में हो या पत्नी के रूप में हो बहिन के रूप में हो सभी के नहाने का समय अलग अलग होता है।

राक्षसी का स्नान:

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जो स्नान सुबह 8 के बाद किया जाता है। वो स्नान धर्म में निषेध है इसी के साथ बताया जाता है की सुबह 8 बजे के बाद का किया गया स्नान दरिद्रता, हानि, क्लेश, धन हानि, परेशानी प्रदान करता है।

मुनि का स्नान:

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार मुनि स्नान वो है जो सुबह 4 से 5 के बीच किया जाता है इसी के साथ ये सर्वोत्तम स्नान माना जाता है। इससे घर में सुख, शांति, समृद्धि, विद्या, बल और आरोग्य, चेतना प्रदान करता है।

इसी के साथ देव स्नान:

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार वो स्नान जो सुबह 5 से 6 के बीच किया जाता है वो देव स्नान माना जाता है। ये उत्तम स्नान है। इससे यश, कीर्ति, धन, वैभव एवं संतोष की प्राप्ति होती है।

मानव स्नान:

इसी के साथ पौराणिक कथा के अनुसार मानव स्नान वो स्नान है जो सुबह 6 से 8 के बीच में किया जाता है। ये सामान्य स्नान है, इससे काम में सफलता, भाग्य, अच्छे कर्मो की सूझ के साथ परिवार में एकता, मंगलमय प्रदान करता है।

Do not forget to bathe this time, know the right time to bathe and its benefits