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कोविड-19 के चलते चिकित्सकीय प्रबंधन के लिए आयुर्वेदिक औषधियों और योग आधारित एक प्रोटोकॉल जारी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने दी जानकारी

भारत के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने देश भर में फैले कोरोना वायरस कोविड-19 के चिकित्सकीय प्रबंधन के लिए आयुर्वेदिक औषधियों और योग आधारित एक प्रोटोकॉल जारी कर दिया है, प्राप्त जानकारी के औसर बताया जा रहा है,

इसमें से कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने और हल्के लक्षणों तथा लक्षणविहीन मामलों के उपचार के लिए अश्वगंधा और आयुष-64 जैसी औषधियां शामिल हैं जिस से इस वायरस से बचा जा सकता है। यह प्रक्रिया बहुत ही लाभ दयाक है।

हर्षवर्धन ने आयुष मंत्री श्रीपद नाईक की मौजूदगी में दी यह जानकारी

इसी के साथ हर्षवर्धन ने आयुष मंत्री श्रीपद नाईक की मौजूदगी में इस कोविड-19 के प्रबंधन के लिए आयुर्वेद और योग आधारित राष्ट्रीय चिकित्सकीय प्रबंधन प्रोटोकॉल जारी किया है.

इसी के साथ बताया जा रहा है की स्वास्थ्य मंत्री के हवाले से एक बयान में कहा गया है। इसी के साथ ‘रोग निरोधी कदमों वाला यह प्रोटोकॉल न सिर्फ कोविड-19 के प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पारंपरिक ज्ञान को प्रासंगिक बनाने की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम

इसी के साथ आधुनिक समय की समस्याओं के समाधान में पारंपरिक ज्ञान को प्रासंगिक बनाने की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम है इसी के साथ बताया जा रहा है की उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से स्वतंत्रता के बाद आयुर्वेद पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया है।

जबकि इस आयुर्वेदिक चिकत्सा से बहुत सी बीमारियों को ठीक किया जा सकता है, जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके महत्व को देखते हुए इस पर ध्यान दिया है।

कोरोना वायरस संक्रमण और महामारी को आगे बढ़ने से रोकने में अच्छी रोग प्रतिरोधक क्षमता मददगार

प्राप्त जानकारी के अनुसार आयुष मंत्रालय ने प्रोटोकॉल दस्तावेज में रेखांकित किया कि देश में इस मौजूदा ज्ञान का कहता है कि कोरोना वायरस संक्रमण और महामारी को आगे बढ़ने से रोकने में अच्छी रोग प्रतिरोधक क्षमता मददगार है।

इसी के साथ प्रोटोकॉल में अधिक जोखिम वाले लोगों तथा रोगियों के संपर्क में आए लोगों के उपचार के लिए अश्वगंधा गुडूची घनवटी और च्यवनप्राश जैसी औषधियों के उपयोग का

सुझाव दिया गया है इसी के साथ अब प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार आयुर्वेद विज्ञान की तरफ अधिक ध्यान दे रहे है।

चिकित्सा अनुसंधान परिषद तथा अन्य सभी संस्थानों के विशेषज्ञों की समिति ने तैयार किया

इसी के साथ मंत्रालय का कहना है की इस सर्वसम्मत दस्तावेज को अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान दिल्ली इसी के साथ स्नातकोत्तर आयुर्वेद प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान जामनगर, के साथ राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान जयपुर और केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान परिषद, केंद्रीय योग

एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद तथा अन्य सभी संस्थानों के विशेषज्ञों की समिति ने तैयार किया है, जिस बजह से अब आयुर्वदिक चिकित्सा में अधिक ध्यान दे रही है।

A protocol based on Ayurvedic medicines and yoga has been released for medical management due to Kovid-19, Union Health Minister Harsh Vardhan informed