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Glass कैसे बनाया जाता है, तथा कितने प्रकार का होता है Glass

आज हम आप को अपनी इस अपनी इस पोस्ट के द्वारा यह बताएंगे कि कांच जो आप की दैनिक जीवन में बहुत ही अहम भूमिका निभाता है। इस का निर्माण कैसे होता है इस की विस्तार में जानकारी देंगे जो आप के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

साथ ही कांच बनने वाले आईनों में आप भी अपने आप को निहारा करते होंगे। साथ ही कांच से बनी सुन्दर तथा चमकती हुई नाज़ुक चीज़ें भी आपको अपनी ओर आकर्षित करती होंगी। साथ ही ऐसे ही कभी आपके मन में ये ख्याल भी आता होगा।

कांच जैसी ये नाज़ुक चीज़ आखिर बनती कैसे है

इसी के साथ कांच जैसी ये नाज़ुक चीज़ आखिर बनती कैसे है हर कोई व्यक्ति इस की जानकारी प्राप्त करना चाहता है? यह कितने प्रकार का होता है, यदि आप को नहीं पता तो यह जानकारी आप के लिए बहुत ही लाभदयक साबित हो सकती है।

किस पदार्थ से बनाया जाता है कांच

इसी के साथ आपको ये जानकर शायद हैरानी होगी कि कांच रेत से बनता है। क्योंकि कांच बनाने के लिए सबसे ज़रूरी पदार्थ होता है सिलिका, जो रेत का अभिन्न अंग माना जाता है साथ ही यह सिलिका प्रकृति में मुक्त अवस्था में मिलता है।

सिलिका की मात्रा कितनी होती

इसी के साथ आप सिलिकेट यौगिकों के रूप में भी पाया जाता है इसी के साथ सिलिका सबसे ज़्यादा क्वार्ट्ज़ के रूप में पाया जाता है साथ ही कांच बनाने के लिए सबसे उपयुक्त वही बालू मिट्टी होती है जिसमें सिलिका की मात्रा कम से कम 99 प्रतिशत हो।

पिघले हुए कांच को खांचों में बून्द-बून्द करके उड़ेला जाता

इसी के साथ कांच बनाने के लिए रेत के साथ कुछ और सामग्री को मिलाकर एक भट्टी में 1500 डिग्री सेल्सियस पर पिघलाया जाता है, जिस के बाद फिर इस पिघले हुए कांच को खांचों में बून्द-बून्द करके उड़ेला जाता है साथ ही यह इस लिए किया जाता है ताकि मनचाही चीज़ बनायी जा सके।

कांच डालने के बाद बोतल की सतह पर और काम किया जाएगा

इसे बोतल के उदाहरण से समझा जा सकता है साथ ही मान लीजिये कि कांच की एक बोतल बनायी जानी है इस के लिए ऐसे में खांचें में पिघला कांच डालने के बाद बोतल की सतह पर और काम किया जाएगा और उसे फिर एक भट्टी से गुज़ारा जाएगा और उसके बाद कांच की बोतल बनकर तैयार हो जायेगी।

आप ने भी कांच के रंग-बिरंगे रूप और हैरान कर देने वाले आकार देखे होंगे, उस कांच का इतिहास काफी पुराना बताया जाता है। कांच का आविष्कार मिस्र में लगभग ढ़ाई हज़ार साल ईसा पूर्व हुआ था इसी के साथ शुरुआती दौर में इसका इस्तेमाल साज-सज्जा के लिए किया गया और ईसा से करीब डेढ़ हजार साल पहले कांच के बरतन भी बनने शुरू हो गए थे। धीरे-धीरे कांच को मनचाहे आकार में ढाला जाने लगा और आज कांच ढ़ेरों आकारों और रूपों में हमारे सामने मौजूद है जिस को आप दैनिक जीवन में कई बार इस्तेमाल में लाते हो।

कितने प्रकार का होता है यह कांच

आजकल बाजार में काँच के अनेक प्रकार उपलब्ध जिन में से कई तो बहुत ही आकर्षित होते है। इसके साधारण खिड़की के शीशे से लेकर गोली रोधी कांच के रूप में विभिन्न अनुप्रयोग किये जाते है। इसके साथ ही कुछ प्रकार के काँच और उनका उपयोग नीचे वर्णित किया होता है।

सोडा काँच या मुलायम काँच

कांच का एक प्रकार साधारणतया प्रयोग होने वाला सस्ता, निम्न वर्ग का काँच होता है साथ ही कुल उत्पादित काँच का यह 95% होता है और यह रेत (सिलिका), कैल्शियम कार्बोनेट (चूना पत्थर) और सोडा राख (Na2CO3) के संगलन द्वारा बनाया जाता है। इसी के साथ इसका अनुमानत: Na2O.CaO.6SiO2 संघटन होता है साथ ही 70-74%SiO2, 8-13% CaO और 13-8% Na2O होता है।

बिजली के बल्ब आदि बनाने के काम में आता

इसी के साथ Al2O3 लगभग 2% अशुद्धता के रूप में हो सकता है साथ ही इसके कम ताप पर ही नर्म हो जाने के कारण इसे मुलायम काँच कहते हैं। साथ ही सोडा काँच का अनुप्रयोग खिड़कियों के शीशे के साथ बोतल, बर्तन और बिजली के बल्ब आदि बनाने के काम में आता है।

लैड काँँच या फ्लिन्ट काँच

लैड काँँच या फ्लिन्ट काँच को लिथार्ज (Pbo),पोटेशियम कार्बोनटे तथा सोडा राख, चूना पत्थर और सिलिका को उचित अनुपात में संगलित करके बनाया जाता है, इसी के साथ इसका अनुमानत: संघटन है।

K2O. Pbo.6SiO2 इसमें लगभग 45% सिलिका और विभिन्न मात्राओं में Pbo,Na,O2,k2O और CaO होता है।
नाभिकीय स्थापत्यों में नाभिकीय विकिरणों से बचाव के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है।

सुदृढ़ (या टेम्पर्ड) काँँच

यह काँच का कोई विशेष प्रकार नहीं है बल्कि काँच की वस्तु का एनीलिंग से पहले किया गया एक प्रक्रम है साथ ही काँच के गर्म पात्र को ठंडे तेल में डुबोया जाता है साथ ही पात्र की बाहरी सतह सिकुड़ कर सख्त हो जाती है।

जबकि अन्दर की परत पर खिंचाव बना रहता है। जब पष्ठ को तोड़ा जाता है तो वह टुकड़ो में बिखर जाता है। यह प्रक्रम काँच की टेम्परिंग कहलाता है।

स्तरित सुुरक्षा काँँच

इसी के साथ समतल काँच की 02-03 परतों के बीच पॉलीविनाइल ब्यूटाइल प्लास्टिक या विनाइल एसिटेट रेसिन की पतली परत और पारदर्शी आसंजक से आपस में चिपका कर या दबाकर बनाया जाता है इस कांच को ज्यादा तर कार तथा अन्य महत्वपूर्ण चीजों में किया जाता है

जैसे घर के दरवाजे इत्यादि।इन्हें ताप और दाब के अचानक बदलाव को सहन कर सकता है। टूटने पर काँच के टुकड़े बिखरते नहीं हैं अर्थात् बिखरनरोधी हो जाते हैं।

कुचालक काँच

कुचालक काँच में ताप द्वारा सिरे से सील की 02 काँच के बीच कोई कुचालक पदार्थ जैसे जलरहित (या शुष्क) वायु भरने से कुचालक काँच प्राप्त किया जा सकता है। इस प्रकार की काँच संरचनाओं को उन भवनों में प्रयोग किया जाता है।