jagatsukh-valley

Jagatsukh घाटी देवभूमि कुल्लू में स्थित एक लोकप्रिय पर्टयक स्थान

जगतसुख घाटी हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू में स्थित एक बहुत ही खूबसूरत और लोकप्रिय पर्टयक स्थान है। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह पर्टयक स्थान हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू में स्थित है।

हिमाचल प्रदेश में स्तिथ इस घाटी में बहुत से छोटे छोटे खूबसूरत पर्टयक स्थान हैं। साथ यहां एक बहुत ही खूबसूरत Jagatsukh गांव भी स्थित है। हिमाचल में स्थित यह एक बहुत ही लोकप्रिय पर्टयक स्थान हैं।

जंहा हर साल बहुत से सैलानी घूमने और समय व्यतीत करने के लिए आते हैं।

मनाली से लगभग 6,5 किमी की दूरी

हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू में स्थित इस जगतसुख गांव में पहुंचने के लिए आप की दूरी मनाली से लगभग 6,5 किमी होंगी। यह लोकप्रिय पर्टयक स्थान नगर बस स्टैंड से यह स्थान 14 किमी की दूरी पर स्थित है। यह खूबसूरत और प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर पर्टयक स्थान नग्गर भी एक लोकप्रिय पर्टयक स्थान है।

Jagatsukh गांव का नजारा यहां आये सैलानियों को बहुत भाता है। यह एक बहुत ही शांत और सुखद है। यहां का वातावरण और यहां की सांस्कृति यहां पर्टयकों को अपने और आकर्षित करती है, तथा रोमांचित करती है।

Jagatsukh, कुल्लू घाटी में स्थित सबसे बड़े गांवो में से माना जाता है एक

इस गांव में बहुत से छोटे छोटे मंदिर स्थित है। जिन की पूजा अर्चना यहां के निवासी पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ करते हैं।Jagatsukh कुल्लू घाटी में स्थित सबसे बड़े गांवो में से एक माना जाता है।

जगतसुख गांव कुल्लू की पूर्ववर्ती राज्य की पहली राजधानी थी।यह एक ऐतिहासिक पर्टयक स्थान है।यहां बहुत से कुल्लू के राजाओ ने राज किया और अपना शासन चलाया था। कहा जाता है कि यह स्थान 10 से 11 पीढ़ियों की राजधानी रहा था।

कुल्लू इस के जगत्सुख स्थान को दो प्राचीन मंदिरों के लिए जाना जाता है

हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू में स्थित जगत्सुख गांव भी मनाली की तरह एक आदर्श हनीमून स्थान है। इस लोकप्रिय पर्टयक स्थान में बहुत से लोकप्रिय और प्रसिद्ध हिंदू तीर्थस्थल भी है। कुल्लू इस के जगत्सुख स्थान को दो प्राचीन मंदिरों के लिए जाना जाता है।

जो बहुत धार्मिक और पूजनीय है। यहां के निवासियों के लिए यह एक मुख्यआस्था का केंद्र है। इस मंदिरों का नाम गौरीशंकर मंदिर और देवी संध्या देवी का मंदिर है।

पवित्र मंदिरो को 8 वीं शताब्दी की शुरुआत में निर्मित किया गया था

इन पवित्र मंदिरो को 8 वीं शताब्दी की शुरुआत में निर्मित किया गया था। इसलिए इस मंडी को बहुत ही ऐतिहासिक माना जाता है। इस मंदिर में एक त्रि-रथ गर्भगृह भी बिराजमान है।

जिसे एक शिखर द्वारा बनाया गया है। इस लोकप्रिय मंदिर की वास्तुकला मंदिरों के नरसर समूह के समान है।जो बहुत ही खूबसूरत और आकर्षित है।