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No Cost EMI कैसे करता है काम, बैंक की क्या रहती इस में भूमिका

यदि आप भी EMI के द्वारा ऑनलाइन शॉपिंग करते हो तो आप के लिए यह जानकारी बहुत ही लाभकारी साबित हो सकती है, आज हम आप को अपनी इस पोस्ट के द्वारा No Cost EMI काम कैसे करता है यह बताएंगे, यदि आप ने हमारी पिछला ब्लॉग नहीं देखा तो एक बार उसे देख ले,

उदाहण के तौर पर मान लीजिए आप किसी ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल फ्लिपकार्ट या अमेजन मिंत्रा इत्यादि पे गए वहां से 20,000 रुपये का कोई मोबाइल आप ने खरीदा।

बैंक के साथ कम्पनी को कैसे मिलता लाभ जानिए

इसके बाद आप ने आपने क्रेडिट कार्ड से पेमेंट किया और No Cost EMI के जरिए उसे 12 महीने की EMI में कनवर्ट करवा लिया। ताकि आप 12 महीने में इस का भुगतान कर पाओ। मान लो 12 महीने के लिए हर महीने

आपकी 1667 रुपये की EMI बनी है तो 1667 (EMI) X 12 (months) आप ने 20,004 कुल कीमत आप ने इस की चुकाई। इस का मतलब आप ने 04 रूपय अधिक कीमत चुकाई।

मोबाइल बनाने वाली कंपनी कैसे कमाती लाभ

यदि आप को ऑनलाइन कंपनी ने मोबाइल बेचा तो इस में बैंक का क्या फायदा हुआ होगा। जानिए पूरी जानकारी। कोई भी ऑनलाइन कंपनी ने मोबाइल बनाने वाली कंपनी से आप को बेचने वाला मोबाइल MRP पर तो लिया नहीं होगा।

इस का मतलब की उसको मैन्यूफैक्चरर ने 20,000 रुपये की बजाय वो मोबाइल मान लीजिए 16,000 रुपये में ही मिला हो।

No cost EMI का विकल्प

अब स्कोने वाली बात है की अगर कंपनी ग्राहक को अपफ्रंट पेमेंट लेकर 20,000 में बेचती है तो उसे एक मोबाइल पर 4,000 रुपये का फायदा हुआ ऐसे ही यदि एक फ़ोन में इतना लाभ मिल रहा है तो यदि 1,000 फ़ोन खरीदता है तो उसे कितना लाभ मिलेगा।

अब बैंक यह बोलता है की मोबाइल पर हो रही कमाई 4000 रुपये में से 2000 उसको दे दे, जिसके बदले वो No cost EMI का विकल्प ग्राहकों को देना शुरू करे.

जिस से ग्राहकों भी लाभ बैंक को भी लाभ साथ ही कम्पनी को भी लाभ यानी दोनों को ही इस स्कीम से फायदा मिलता है।

How does no cost EMI work, know the whole process, what role does the bank have in this