ranikot fort

Ranikot fort दुनिया का सबसे बड़ा तथा ऐतिहासिक किला

आज हम आप को दुनिया के सबसे ऐतिहासिक रोचक और सबसे बड़े किले की जानकारी देने जा रहे है यदि आप को भी ऐतिहासिक स्थानोप की यात्रा करना अच्छा लगता है। तथा आप भी घूमने फिरने में रूचि रखते है तो हमारी इस पोस्ट को ध्यान से तथा पूरा पढ़े, शायद आप को यह नहीं पता होगा।

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Ranikot fort के नाम से देश विदेश में अपनी ऐतिहासिक लोकप्रियता के लिए जाना जाता

कि दुनिया का सबसे बड़ा किला हमारे पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में स्थित हैं तथा Ranikot fort के नाम से देश विदेश में अपनी ऐतिहासिक लोकप्रियता के लिए जाना जाता है। इसी के साथ यह दुनिया का सबसे बड़ा किला माना जाता है।

993 में पाकिस्तान के नेशनल कमीशन फॉर यूनेस्को द्धारा विश्व धरोहर स्थळ का दर्जा प्राप्त

Ranikot का यह किला पाकिस्तान के सिंध प्रांत के जमशोरों में किर्थर रेज के लक्की पहाड़ पर स्थित है। इस ऐतिहासिक किले को ‘’सिंध की दीवार’’ के रूप में भी जाना जाता है।

कहा जाता है की इसे साल 1993 में पाकिस्तान के नेशनल कमीशन फॉर यूनेस्को द्धारा विश्व धरोहर स्थळ का दर्जा देने के लिए चिन्हित किया गया था।

इसी के साथ हम आप को अपनी इस पोस्ट से दुनिया के इस सबसे बड़े किला Ranikot के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी देने जा रहे है। तो आइये जानते है इस के बारे में विस्तार में।

ऐतिहासिक किला करीब 32 किलोमीटर के दायरे में फैला हुआ

Ranikot का यह किला दुनिया का यह सबसे बड़ा ऐतिहासिक किला करीब 32 किलोमीटर के दायरे में फैला हुआ है। आप कह सकते है की इस किले की तुलना चीन की दीवार से की जाती है, जिसकी लंबाई करीब 6,400 किलोमीटर है। यह अपने आप में अक्ल बहुत ही रोमांचित पर्टयक स्थान बन चुका है।

किले का निर्माण 8वीं-9वीं सदी में

इसी के साथ यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स की लिस्ट में शामिल इस किले के निर्माण को लेकर इतिहासकारों के अलग-अलग मत हैं, सभी इतिहासकार इस किले को लेकर अलग अलग तथ्य सामने लेकर आते है।

इसी के साथ कुछ इतिहासकार इसका निर्माण 20वीं सदी की शुरुआत में मानते हैं, तो कुछ लोग इस किले का निर्माण 8वीं-9वीं सदी में मानते हैं।

पर्सियन नोबल इमरान बिन मूसाबर्मकी ने किया

इसी के साथ कुछ इतिहासकारों की माने तो इस किले का निर्माण सिंध के गर्वनर के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके है। इसी के साथ पर्सियन नोबल इमरान बिन मूसाबर्मकी ने किया था। इसी के साथ हालांकि इस किले के निर्माण को लेकर अभी कोई भी ठोस प्रमाण मौजूद नहीं है।

वर्तमान ढांचा मीर अली खान तालपुर और उनके भाई मीर मुरादत अली ने साल 1812 में बनवाया

इसी के साथ इस किले को लेकर यह कहा जाता है की इस किले का वर्तमान ढांचा मीर अली खान तालपुर और उनके भाई मीर मुरादत अली ने साल 1812 में

बनवाया था जो कि तालपुर राजवंश से तालुक्क रखते थे। यह एक बहुत ही ऐतिहासिक होने के साथ साथ बेहद खूबूसरत भी है इतिहास प्रेमियों के लिए यह एक आदर्श स्थान माना जाता है।

तालपुर राजवंश ने 1783 से 1843 तक सिंध और वर्तमान पाकिस्तान के कई हिस्सों पर राज किया

प्राप्त जानकारी के अनुसार आपको बता दें कि तालपुर राजवंश ने 1783 से 1843 तक सिंध और वर्तमान पाकिस्तान के कई हिस्सों पर राज किया था, तथा अपन

शाशन काल के दौरान ही इस किले का निर्माण करवाया था। साथ ही कहा जाता है की यह बलूच जनजाति के राजवंश माने जाते थे।

बेहद आर्कषक, अद्भुत एवं भव्य होने के साथ साथ बहुत ही आकर्षित किला

इसी के साथ अगर इस किले की बनावट की बात करें तो यह बेहद आर्कषक, अद्भुत एवं भव्य होने के साथ साथ बहुत ही आकर्षित है, जो कि कई पहाड़ों और किर्थर की पहाडियों को आपस में जोड़ता है। इस किले की उत्तरी हिस्से में एक बेहद विशाल एवं प्राकृतिक पहाड़ी स्तिथ है।

जबकि अन्य तीन तरफ से इसे दीवारों द्धारा कवर किया गया है साथ ही इस लोकप्रिय और प्रसिद्ध किले में बहुत से पर्टयक घूमने और समय व्यतीत करने के लिए आते है।

रानीकोट किले के अंदर 4 प्रमुख प्रवेश गेट

रानीकोट किले के अंदर 4 प्रमुख प्रवेश गेट है, जिन्हें सैन गेट, मोहन गेट, अमरी गेट, और शाह-पेरी गेट के नाम से जाना जाता है। यह बहुत भव्य तथा अद्भुत है इसी के साथ इस विशाल किले के अंदर एक छोटा सा किला “मिरी किला” भी स्थित है।

इतिहास प्रेमियों का यह पंसदीदा स्थान

जो भी बहुत ही ऐतिहासिक और एक अद्भुत किला है, जो कि सैन गेट से करीब 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस के लिए को पूरा घूमने के लिए आप को पूरा दिन लग जाएगा।

इसी के साथ यह रानीकोट किला अपनी लोकप्रियता के कारण बहुत से पर्टयक हर साल यहां घूमने और समय व्यतीत करने के लिए आते है इसी के साथ यह किला इतना भव्य और ऐतिहसिक स्थल है की इतिहास प्रेमियों का यह पंसदीदा स्थान है।

इसी के साथ इसके अलावा रानीकोर्ट के किले की दीवारों में बेहद आर्कषक प्राचीन वास्तुकला की नक्काशी की गई है, जो यहां आये लोगो को अपनी और आकर्षित करती है। यह बहुत ही खूबूसरत स्थान है।