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Serolsar Lake देवभूमि Kullu में स्तिथ ऐक प्रसिद्ध पर्टयक स्थान

हिमाचल प्रदेश में बहुत से लोकप्रिय और प्रसिद्ध पर्टयक स्थान है। हिमाचल एक पहाड़ी राज्य होने की वजह से यहां बहुत से प्राकृतिक और कृतिम झीले है। एक ऐसा ही लोकप्रिय और प्रसिद्ध पर्टयक स्थान हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू में स्तिथ है। जिसे देवभूमि के नाम से भी जाना जाता है।

यह सेरोलसर झील हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्तिथ प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर झील है। यह एक बहुत ही लोकप्रिय और प्रसिद्ध झील है।

यह झील कुल्लू जिले में बाहरी सेराज घाटी में स्तिथ एक उच्च ऊंचाई वाली झील है। इस लोकप्रिय झील की ऊंचाई समुद्र तल से लगभग 3,100 मीटर (10,171 फीट) ऊपर है।

प्रसिद्ध झील घने जंगल और प्राकृतिक सौंदर्य से घिरी हुई है

यह लोकप्रिय और प्रसिद्ध झील घने जंगल और प्राकृतिक सौंदर्य से घिरी हुई है। यह खूबूसरत झील जालोरी पास दर्रे से होकर जाती है।

यहां के स्थानीय लोग इस झील को बुद्ध नागिन अथवा बूढी नागिन और सांपों की देवी और सभी नाग देवताओं की मां के साथ जोड़ते हैं। यह झील खूबसूरत होने के साथ साथ धार्मिक भी है।

जिसे बहुत ही पवित्र माना जाता है। जिस वजह से यहां बहुत श्रदालु दर्शन करने के लिए आते है। इस झील की एक बहुत ही लोकप्रिय मान्यता है, की इस झील के पानी में में औषधीय गुण पाए जाते है, जिस से बहुत सी बीमारियों से मुक्ति मिलती है।

पर्टयक इस झील को शोजा या जालोरी पास से ट्रेक करते हुए पहुंचते

इस झील की दुरी कुल्लू जिले से लगभग 78 किमी की की है, जो एक बहुत ही रोमांचित सफर है। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के साथ लगते जिले मंडी से यह झील 84 किमी की दुरी पर स्तिथ है।

इसके साथ ही यहां स्तिथ प्रसिद्ध गांव बंजार से यह स्थान लगभग 25 किमी और शोजा से 10 किमी की दुरी पर स्तिथ है। पर्टयक इस झील को शोजा या जालोरी पास से ट्रेक करते हुए पहुंचते है।

इस लोकप्रिय झील का क्षेत्र अल्पाइन जंगलों की मोटी वनस्पति से घिरा हुआ है। जो पर्टयकों को बहुत ही रोमांचित करता है। हर साल भारी संख्या में सैलानी यहां घूमने और समय व्यतीत करने के लिए आते है।

ऐतिहासिक और पौराणिक मान्यता के अनुसार

हर साल बहुत से श्रदालु इस धार्मिक और खूबूसरत झील में स्तिथ मंदिर में देवता को घी अर्पित करते हैं। ऐतिहासिक और पौराणिक मान्यता के अनुसार यह कहा जाता है कि यह बहुत गहरी झील है,

और इसमें बुधि नागिन खुद झील के तल में एक सुनहरे महल में रहते थे। इसी के साथ यह स्थान सर्दियों के समय में यह सेरोलसर झील में 5-8 फीट तक बर्फबारी हो जाती है।

यदि आप कभी हिमचाल घूमने का प्लान बना रहे हो इस स्थान की यात्रा करना ना भूले, यह स्थान आप की आत्मा को बहुत ही शांति प्रदान करेगा।

सेरोलसर झील की यात्रा करने का सबसे सही समय

यदि आप यहां घूमने के लिए आना चाहते हो तो यहां आने से पहले आप को बहुत से महत्वपूर्ण बातो की जानकारी होने चाहिए।

पर्टयकों के लिए यहां की यात्रा करने का सबसे सही समय गर्मियों के दौरान यात्रा करने के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है।

सैलानियों के लिए आवास प्रदान करने के लिए छोटे विश्राम गृह भी बनाए गए हैं। इस मौसम के दौरान यहां आप बहुत से लोलप्रिय पर्टयक स्थानों की यात्रा कर सकते है।