tirthan valley

तीर्थन घाटी तीर्थन नदी की किनारे स्थित एक बेहद लोकप्रिय पर्टयक स्थान

तीर्थन घाटी हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू में स्थित एक बेहद लोकप्रिय और प्रसिद्ध पर्टयक स्थान है। जो अपनी लोकप्रियता और अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है।

हिमाचल प्रदेश में बहुत सी लोकप्रिय और प्रसिद्ध घाटिया स्थित है, जो बेहद खूबसूरत और आकर्षित है, आज हम आप को एक ऐसी ही घाटी के बारे में बताने जा रहे है, जो तीर्थंन वैली के नाम से लोकप्रिय है।

हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू जिले में स्थित इस तीर्थन घाटी का नाम तीर्थन नदी से लिया गया है। जो एक बहुत ही शांत और खूबूसरत नदी है। जो हिमालय के हिमनदों से निकलती है। तीर्थन घाटी में हर साल बहुत से सैलानी यहां घूमने और समय व्यतीत करने की लिए आते है।

ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क” के अंदर स्थित एक बहुत ही खूबूसरत पर्टयक स्थान

कुल्लू में स्थित यह लोकप्रिय घाटी “ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क” के अंदर स्थित एक बहुत ही खूबूसरत पर्टयक स्थान है, इस प्रसिद्ध घाटी में ट्रेक द्वारा आसानी से पहुँचा जा सकता है।

यहां बहुत से लोकप्रिय और साहसिक ट्रेक भी स्तिथ है, जो पर्टयकों को बहुत ही रोमांचित करते है। तीर्थन घाटी को हिमाचल प्रदेश की सबसे अच्छी ट्रेकिंग मार्गो के लिए जाना जाता है।यह खूबूसरत लोकप्रिय घाटी जीएचएनपी में स्थित चार घाटियों में से एक है। यहां बहुत से छोटे खूबूसरत गांव स्थित है।

तीर्थन घाटी ट्रेकिंग शुरू करने के लिए गुशैणी एक प्रसिद्ध प्रवेश बिंदु

हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू में स्थित इस तीर्थन घाटी ट्रेकिंग शुरू करने के लिए गुशैणी एक प्रसिद्ध प्रवेश बिंदु माना जाता है। तीर्थन घाटी में बहुत सी ट्रेकिंग मार्ग है जो हिमाचल में बेहद लोक्रपिय और प्रसिद्ध हैं, इस घाटी में बहुत से ट्रेक स्थित है जिसे पर्टयक 1 दिन से लेकर 10 दिनों तक घूम सकते हैं। तथा यहां की सुंदरता को निहार सकते हैं। यहां स्थित तीर्थन नदी ट्राउट मछली के लिए जानी जाती है।

समुद्रतल से तकरीबन 1600 मीटर की ऊँचाई पर स्थित बेहद खूबूसरत स्थान

यह घाटी समुद्रतल से तकरीबन 1600 मीटर की ऊँचाई पर स्थित बेहद खूबूसरत स्थान है। इस घाटी का क्षेत्र ट्राउट मछली पकड़ने और ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क (जीएचएनपी) तक पहुंच और यहां समय व्यतीत करने के लिए जाना जाता है। हर साल बहुत से पर्टयक यहां घूमने और समय व्यतीत करने के लिए आते हैं।

रिवर क्रॉसिंग, रैपलिंग, ट्रेकिंग, ओवरनाइट कैंपिंग, रॉक क्लाइम्बिंग, बर्ड वॉचिंग, फोटोग्राफी के लिए एक लोकप्रिय पर्टयक स्थान

हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू की यह तीर्थन घाटी बंजार से बाथड़ तक फैली हुई है, इस घाटी में नदी के तट के आस-पास बहुत से छोटे बड़े कई गाँव स्तिथ हैं। जो अपनी संस्कृति और कला के लिए जाने जाते हैं।

यह पूरी घाटी अल्पाइन पेड़ों, और हरे भरे जंगलो से भरपूर है। इस घाटी में विशेष वनस्पतियों और जीवों की बहुत सी प्रजातियां प्रचुर मात्रा में पाई जाती हैं।

यह खूबूसरत घाटी रिवर क्रॉसिंग, रैपलिंग, ट्रेकिंग, ओवरनाइट कैंपिंग, रॉक क्लाइम्बिंग, बर्ड वॉचिंग, फोटोग्राफी और बहुत से प्रकार की अन्य साहसिक गतिविधियों के लिए पुरे देश भर में जानी जाती है।

यह तीर्थन घाटी विभिन्न प्रकार के साहसिक खेलों की पेशकश करती है। जो यहां घूमने और समय व्यतीत करने आये पर्टयकों को बेहद रोमांचित करती है।

कुल्लू जिला से 70 किमी की दूरी और मनाली से यह घाटी 105 किमी की दुरी पर स्तिथ

कुल्लू की यह प्रसिद्ध घाटी शांत और स्वच्छ वातावरण के लिए देश विदेश में जानी जाती है। यहां का वातावरण यहां आये सैलानियों की आत्मा को बहुत ही शांति प्रदान करेगा।

यह घाटी कुल्लू जिला से 70 किमी की दूरी पर स्तिथ है। इसी के साथ प्रदेश के जिला कुल्लू के साथ लगते मंडी जिला से इस स्थान की दूरी लगभग 75 किमी और विश्व प्रसिद्ध पर्टयक स्थान मनाली से यह घाटी 105 किमी की दूरी पर स्थित है।

यदि आप इस खूबसूरत तीर्थन घाटी में घूमने और समय व्यतीत करने के लिए उत्सुक है, तो यहां आने के लिए आप का सही समय और सबसे अच्छा मौसम मई से लेकर अक्टूबर के बीच का है। इस बीच आप कभी भी यहां यात्रा कर सकते हैं।

सर्दियों की समय इस स्थान की यात्रा

यदि आप बर्फ प्रेमी है, तो आप यहां सर्दियों के समय आ सकते हैं, सर्दियों के समय में यहां बर्फबारी होती है, जिस कारण यह घाटी और भी ज्यादा आकर्षित और खूबूसरत हो जाता है।

जिस वजह से यह स्थान बर्फ की चादर में तब्दील हो जाता है। इस घाटी में बहुत से लोकप्रिय धार्मिक स्थान भी स्थित है।

जिन में से कई बहुत ही ऐतिहासिक और कई बहुत ही रहस्मयी है। अपनी हिमाचल की यात्रा के दौरान इस तीर्थन घाटी को अवश्य शामिल करें।