थमसर दर्रा ट्रेक काँगड़ा के बड़ा भंगाल और होली के बीच में स्थित

हिमाचल प्रदेश में बहुत से लोकप्रिय और प्रसिद्ध ट्रेक स्थित है, जो अपनी लोकप्रियता के लिए देश विदेश में जाना जाता है।थमसर दर्रा ट्रेक हिमाचल प्रदेश के जिला काँगड़ा में स्थित एक बहुत लोकप्रिय प्रसिद्ध ट्रेकों में से एक माना जाता है।

यह ट्रेक काँगड़ा के बड़ा भंगाल और होली के बीच में स्थित है।थम्सर दर्रा ट्रेक हिमाचल प्रदेश में शांतिपूर्ण कांगड़ा घाटी के हिमालय के खूबसूरत धौलाधार और पीर-पंजाल की पहाड़ियों में स्थित एक रोमांचित सफर है। यहां पर्टयकों को बहुत से खूबसूरत और अद्धभुत दृश्य देखने को मिलते हैं।

जिस बजह से हर साल बहुत से ट्रेकर और पर्टयक यहां घूमने और समय व्यतीत करने के लिए इस ट्रेक के लिए आते हैं।

रोमांचित और साहसिक ट्रेक

थम्सर दर्रा जो आपको हिमालय शृँखला की विशेष झलक दिखाने की सुविधा देता है।यह ट्रेक यहां आये सैलानी को बेहद रोमांचित करता है।यदि आप एक रोमांचित और साहसिक ट्रेक की तलाश कर रहे हैं तो यह आप के लिए एक आदर्श स्थान साबित हो सकता है।

यह स्थान सफलतापूर्वक अस्पष्टीकृत प्राकृतिक सुंदरता के विशाल आकर्षक दृश्यों को यहां आये सैलानियों को प्रस्तुत करता है।

हरी घास के मैदानों और बेदाग गांवों से होकर गुजरता

काँगड़ा में स्थित यह अद्धभुत और प्रसिद्ध ट्रेक मनोरम क्षेत्र की पगडंडी हरी घास के मैदानों और बेदाग गांवों से होकर गुजरता है।जो यहां आये सैलानियों को बहुत से दृश्य प्रस्तुत करता है।

इस मार्ग को ज्यादा तर गद्दी जनजाति के लोग इस्तेमाल करते हैं।उन का इस ट्रेक में आना जाना लगा रहता है, तथा गद्दी जनजाति के लोग अपनी भेड़ बकरियों के झुण्ड को यहां से चम्बा के भरमौर लाकावली माता होली और काँगड़ा की ओर लाते हैं।

इस ट्रेक पर सैलानी गद्दियों के बहुत से झुण्ड को देख सकते हैं।जो यहां की यात्रा के लिए आये सैलानियों को बेहद खूबसूरत और मनोरम दृश्य प्रस्तुत करते हैं।गद्दी समुदाय के लोग इस घाटी के मूल निवासी माने जाते हैं।

प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर स्थान

यह निश्चित रूप से धौलाधार क्षेत्र में स्थित एक बहुत रमणीय और मनोरम ट्रेको में से एक माना जाता है।इस ट्रेक के लिए हर साल बहुत से ट्रेकर देश-विदेश से हिमाचल प्रदेश पहुंचते है।इस ट्रेक के रास्ते में बहुत से खूबसूरत और प्रमुख दर्शनीय स्थल यहां घूमने आये सैलानियों को देखने को मिलते हैं।

जिसमे चम्बा के भरमौर लाकावली माता होली, झील बेस कैंप आदि हैं।यह लोकप्रिय ट्रेक 10 से 12 दिन का माना जाता है।यात्रा मार्ग यह आराम की शांति के बीच प्रकृति की सुंदरता में भिगोने की तलाश में पर्टयकों के लिए  एक आदर्श स्थान माना जाता है।

कांगड़ा और रावी घाटियों में बहती हुई नदियों

इस ट्रेक की यात्रा के दौरान पर्टयक अथवा ट्रेकर विश्वासघाती और संकरी पगडंडियों, ग्लेशियल बेड, चट्टानी दरारों और नदियों से होता हुआ गुजरता है।जो पर्टयक को बहुत ही रोमांचित करता है। पर्टयक यहां शुद्ध हवा का आनंद भी ले सकते हैं।

जहाँ से पर्टयक कांगड़ा और रावी घाटियों में बहती हुई नदियों और बर्फ से लत-पत चोटियों के मोरम दृश्य देख सकते हैं साथ ही अपने कमरे में इस दृश्यो को कैद कर सकते हैं।

इस ट्रेक के नजारे पर्टयकों को बेहद रोमांचित करते हैं। पीर-पंजाल और धौलाधार पर्वतमाला की हिमाच्छादित झीलें और बर्फ से ढकी चोटियों के दृश्यों को आप अपने कैमरे में कैद कर सकते हैं।

स्थानीय गद्दी लोगों के जीवन के बारे में जानने का अवसर देता है

यह लोकप्रिय और प्रसिद्ध ट्रेक हिमाचल प्रदेश के क्षेत्र में सबसे सुखद और दर्शनीय ट्रेक में से एक माना जाता है, थमसर दर्रा ट्रेक पर सैलानियों को उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले स्थानीय गद्दी लोगों के जीवन के बारे में जानने का अवसर दिलाता है।

साथ ही आप धर्मशाला में अपना ट्रेक समाप्त करते हैं। पर्टयकों को बौद्ध संस्कृति का पता लगाने और जानकारी प्राप्त करने का यहां अवसर मिलता है।

थमसर दर्रा ट्रेक पर आने का सही समय

यदि आप को हिमाचल प्रदेश में स्थित इस खूबूसरत ट्रेक की यात्रा करनी है अथवा आप यदि इस ट्रेक की यात्रा करना चाहते हैं । तो यहां आने से पहले आप को विभिन्न जानकारी होनी चाहिए।

जो आप के इस ट्रेक को और भी ज्यादा आरामदायक बनाता है। यदि आप थमसर दर्रा ट्रेक पर आने का प्लान बना रहे हैं । तो आप के लिए यहां आने का सही समय जून और अक्टूबर के बीच का सही माना जाता है।

इस बीच आप कभी भी इस ट्रेक पर आ सकते हैं । इसी के साथ जून से अगस्त तक पास पर भारी बर्फ पड़ने की संभावना है।

ट्रेक का अच्छा मौसम ट्रेक को और अधिक सुखद बनाता है

हिमाचल प्रदेश में स्थित इस ट्रेक को सितंबर से मध्य अक्टूबर तक ट्रेकिंग मार्ग आमतौर पर बर्फ से साफ हो जाते हैं।सर्दियों के समय यहां भारी मात्रा में बर्फबारी होती है, जिस वजह से यहां का नजारा और भी ज्यादा खूबसूरत है।

इस ट्रेक का अच्छा मौसम ट्रेक को और अधिक सुखद बनाता है।सर्दियों के मौसम के दौरान यह ट्रेक बंद हो जाता है।यहां के रास्ते बंद हो जाते है।इसलिए सर्दियों में यहां की यात्रा करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है।