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Tripura Sundari मंदिर हिमाचल में स्तिथ लोकप्रिय धार्मिक पर्टयक स्थान

हिमाचल प्रदेश में बहुत से लोकप्रिय और प्रसिद्ध पर्टयक स्थान है। जो बहुत ही ऐतिहासिक और देश भर में प्रसिद्ध है। इन्हे में से एक है, हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू में स्तिथ त्रिपुरा सुंदरी मंदिर यह एक लकड़ी से निर्माणित शिवालय-शैली का

एक भव्य विशाल मंदिर है। त्रिपुरा सुंदरी मंदिर हिमचाल प्रदेश में स्तिथ ऐसे मंदिरों में से एक है, जो हिमाचल प्रदेश में बहुत ही ऐतिहासिक महत्व रखता हैं।

विशाल लकड़ी की संरचना के रूप में स्तिथ

यह लोकप्रिय मंदिर एक विशाल लकड़ी की संरचना के रूप में खड़ा है। यह मंदिर यहां आये पर्टयकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। जो स्थानीय वास्तुकला और

नक्काशी की कला को प्रदर्शित करता है। यह लोकप्रिय और प्रसिद्ध मंदिर अपनी अद्भुत कला और लोकप्रियता के लिए जाना जाता है।

प्रसिद्ध मंदिर में 21 मुखौटों के साथ देवी की मूर्ति को विराजित किया गया है

हिमाचल प्रदेश में ऐसे बहुत ही प्रसिद्ध लोकप्रिय धार्मिक स्थान स्तिथ है। यह मंदिर देवी त्रिपुर सुंदरी को समर्पित है। इस प्रसिद्ध मंदिर में 21 मुखौटों के साथ देवी की मूर्ति को विराजित किया गया है।

इस धार्मिक मंदिर में घनीभूत छत एक सुंदर दृश्य है और एक पुराने मंदिर की उपस्थिति का संकेत देती है। यह लोकप्रिय मंदिर रोरिक आर्ट गैलरी के लिए सड़क के ठीक नीचे है। इस मंदिर के चारो तरफ प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है।

इस प्रसिद्ध मंदिर के शीर्ष मंजिला को बहुत खूबसूरती से डिजाइन किया गया है

देवभूमि कुल्लू में स्तिथ यह मंदिर दूर से देखने से ऐसा व्यतीत होता है, जैसे मानो तीन-स्तरीय छत के साथ मंदिर ने कोई ताज पहना हुआ हो। यह किसी महल से

कम भी लगता जो यहां आये सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करता है। यह प्रसिद्ध मंदिर के शीर्ष मंजिला को बहुत खूबसूरती से डिजाइन किया गया है।

हर साल मई के महीने में इस मंदिर में एक बड़ा वार्षिक मेला आयोजित किया जाता है, इस मेले में दर्शन के लिए देश विदेश से श्रदालु यहां पहुंचते है।

इस दौरान यहां के स्थानीय गांवों के लोगो द्वारा देवताओं के जुलूस के साथ धार्मिक यात्राएं निकली जाती हैं। जो बहुत ही आकर्षित व्यतीत होती है।

प्रसिद्ध मंदिर में ट्रिपल लेयर्ड छत के साथ देवदार की लकड़ी का प्रयोग किया गया है

यह हिमाचल प्रदेश में स्तिथ एक बहुत ही ऐतिहासिक मंदिरो में से एक है। इस लोकप्रिय और प्रसिद्ध मंदिर में ट्रिपल लेयर्ड छत के साथ देवदार की लकड़ी का प्रयोग किया गया है जो बहुत ही खूबूसरत धार्मिक स्थान है।

नग्गर में स्तिथ यह मंदिर यहां स्तिथ धार्मिक और लोकप्रिय मंदिरो में से एक है। यह मंदिर अपनी सुंदरता और

वातावरण के लिए पुरे देश भर में जाना जाता है। यहां का वातावरण बहुत ही खूबसूरत और शांत है। इस मंदिर के मुख्य दाहिनी ओर की नक्काशी मुख्य मंदिर से भी पुरानी प्रतीत होती है। हर साल भरी मात्रा में श्रदालु इस मंदिर में दर्शन के लिए आते है।

 देवी पार्वती की पत्थर की मूर्तियाँ विराजमान

हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू में स्तिथ इस त्रिपुरा सुंदरी मंदिर का निर्माण राजा यशोधपाल ने करवाया था।

ऐतिहासिक और पौराणिक मान्यता के अनुसार कहा जाता है की इस मंदिर में देवी ने खुद को मकड़ी में बदलने के बाद बनाया था।

इसी लिए कुल्लू में स्तिथ इस मंदिर के अंदर भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु भगवान गणेश, देवी लक्ष्मी, भगवान शिव और देवी पार्वती की पत्थर की मूर्तियाँ हैं।

जिन्हे बहुत ही पवित्र और धार्मिक माना जाता है। यह मुर्तिया बहुत ही पवित्र और ऐतिहासिक मानी जाती है। इस मंदिर में त्रिपुरा रक्ष (राक्षस) की 30 सेमी की एक खूबसूरत मूर्ति भी स्थापित है जो बहुत पवित्र और धार्मिक है।

प्रसिद्ध मंदिर की वास्तुकला में पत्थर और लकड़ी शामिल

देवभूमि कुल्लू में स्तिथ इस लोकप्रिय मंदिर के खंभे और दरवाजे सभी लकड़ी से बने हुए है, जो इस को और भी ज्यादा आकर्षित और लोकप्रिय बनाते है।

इनमें नक्काशीदार डिजाइन का है, जो यहां सैलानियों को बेहद आकर्षित करता है, इस प्रसिद्ध मंदिर की वास्तुकला में पत्थर और लकड़ी शामिल हैं।

जो किसी को भी अपनी और आकर्षित कर सकती है। यह एक सुंदर, लकड़ी की नक्काशीदार गणेश मंदिर में एक का स्वागत करता है,

जिसमें एक खुला आंगन भी है। यदि आप किसी शांत जगह की खोज कर रहे है तो यह स्थान आप के लिए एक बहुत ही सही स्थान साबित होगा।

कई नक्काशीदार पत्थर और प्राचीन मूर्तियाँ स्तिथ

कुल्लू जिले में स्तिथ यह एक शांत जगह है। यदि आप यहां आये हो तो आप को नग्गर में अवश्य जाना चाहिए। इस मंदिर के परिसर में कई अन्य छोटे मंदिर भी स्तिथ हैं, जो बहुत ही आकर्षित है,

जिनमें कई नक्काशीदार पत्थर और प्राचीन मूर्तियाँ हैं। यदि आप को ऐतिहासिक वस्तुओं और स्थानों की यात्रा करना अच्छा लगता है। तो आप को इस धार्मिक स्थान की यात्रा अवश्य करनी चाहिए।

इसके साथ ही यह मंदिर कुल्लू बस स्टैंड से 23 किमी की दुरी पर स्तिथ है, आप साल के किसी भी महीने इस मंदिर के दर्शन के लिए आ सकते हो। यह मंदिर मनाली बस स्टैंड से 21 किमी की दूरी पर और नग्गर बस स्टैंड से 1 किमी की दुरी पर स्तिथ है,